*वास्तव में, ये ठगबन्धन क्यों बना है*
विचार करें कि देश में जितनी भी समस्याएं हैं, उनमें से कोई एक भी ऐसी नहीं है जो 2014 में मोदी के आने के बाद पैदा हुई हो।
🎯 गरीबी पहले से है, कभी उसे दूर करने के लिए कोई महागठबंधन बना❓नहीं।
🎯 बेरोजगारी पहले से है, कभी रोजगार के लिए कोई महागठबंधन बना❓ नहीं
🎯 किसानों की समस्या पहले भी थी, कभी उससे लड़ने के लिए कोई महागठबंधन बना❓ नहीं 🎯 भ्रष्टाचार देश को खाये जा रहा था, कभी उसके खिलाफ कोई गठबंधन बना❓ नहीं।
🎯 दंगे फसाद, पहले खूब होते थे, रोजाना कर्फ्यू, कभी उसको रोकने के लिए कोई महागठबंधन बना❓ नहीं
🎯 जात-पात, छुआ-छात बहुत पहले से है, कभी उसे मिटाने के लिए कोई महागठबंधन बना❓ नहीं
⚖️ देश के लोगों की किसी भी समस्या के निवारण के लिए ये लोग कभी इकठे हुए❓ नहीं
🪔 तो सोचने का विषय यह है कि ये लोग ऐसा क्यों कहते हैं कि देश को बचाना है, संविधान बचाना है, इसलिए हम सब इकठ्ठे हुए हैं।
🥸 अब जब इन सबके अपने अस्तित्व खत्म होने लगे, इनकी दुकानें बन्द होने लगीं, तो ये सब इकट्ठे हो रहे हैं। आप खुद देखो, केजरीवाल भी काँग्रेस से गठबंधन चाहता है पर दिल्ली, पंजाब से बाहर। ममता बंगाल में नहीं करेगी। नीतीश बाबू भी बिहार में नहीं करना चाहता। बाकी राज्यों में भी यही हाल है। समस्याओं को हटाने के लिए नहीं बल्कि मोदी हटाने के नाम पर इक्ट्ठे हो रहे हैं। देश की समस्याओं से इन सबको कोई मतलब नहीं है। इनकी असली समस्या, इनकी खानदानी व पारिवारिक दुकानें बंद हो रही हैं, इसलिए सबके सब एक सुर में बोल रहे हैं, *मोदी हटाओ।*
🚩 जयहिंद 🚩 .
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